Please wait
पदभार संभालते ही एक्शन में शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक Sudhir wins historic ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री बोले ‘मुझे देश की युवा शक्ति पर बहुत गर्व है’ Sudhir wins historic पीओके भारत का अभिन्न अंग, पाकिस्तान से वार्ता हुई तो सिर्फ यही मुद्दा उठाया जाएगाः राजनाथ सिंह Sudhir wins historic पुरुलिया : रंगदारी वसूलने के आरोप में तृणमूल छात्र परिषद के जिलाध्यक्ष गिरफ्तार Sudhir wins historic पत्रकार हमला प्रकरण में मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, गुंडा दमन कानून से कार्रवाई Sudhir wins historic एक करोड़ मुआवजा, केस वापस होंगे; प्रधान के इस्तीफे के साथ ही CJP का आंदोलन खत्म Sudhir wins historic छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा Sudhir wins historic हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में पहाड़ी से गिरी चट्टान की चपेट में आई टाटा सुमो, 13 लोगों की मौत, दो घायल Sudhir wins historic सरकार के साथ वार्ता के बाद सीजेपी बोली- प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं Sudhir wins historic सरकार के लिखित आश्वासन पर 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन Sudhir wins historic

आरजी कर कांड में हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी, सीबीआई को दोबारा पूछताछ और नए सबूतों की जांच के निर्देश

'संजय बहुत कुछ जानता है'

09 Apr 2026

आरजी कर कांड में हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी, सीबीआई को दोबारा पूछताछ और नए सबूतों की जांच के निर्देश

कोलकाता। वर्ष 2024 के बहुचर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म और हत्या मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार किया है। गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजाशेखर मान्था और न्यायमूर्ति राय चट्टोपाध्याय की खंडपीठ ने सीबीआई को इस मामले में सजायाफ्ता मुख्य आरोपी संजय राय से दोबारा पूछताछ करने की खुली छूट दे दी है। अदालत की इस टिप्पणी ने राज्य की राजनीति और कानूनी हलकों में हलचल मचा दी है कि ऐसा लगता है कि संजय राय बहुत कुछ जानता है। 
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मान्था ने स्पष्ट किया कि सीबीआई को जांच की दिशा तय करने में किसी भी संकोच की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने निर्देश दिया कि यदि एजेंसी को लगता है कि संजय राय के बयानों में और भी राज छिपे हैं, तो उससे फिर से पूछताछ की जाए। इसके साथ ही, अदालत ने इस संवेदनशील मामले में आधुनिक तकनीक और उन्नत फोरेंसिक संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया। खंडपीठ ने खडग़पुर आईआईटी के एक छात्र की संदिग्ध मौत के मामले का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे फोरेंसिक जांच की बारीकियां पूरे केस की दिशा बदल सकती हैं। अदालत ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के रुख पर भी कड़े सवाल उठाए। न्यायमूर्ति मान्था ने पूछा कि यदि मृतका का परिवार घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण करना चाहता है और इस पर सीबीआई को कोई आपत्ति नहीं है, तो राज्य सरकार को इसमें बाधा क्यों डालनी चाहिए? 
अदालत ने टिप्पणी की कि जब मामला पहले ही केंद्रीय एजेंसी के पास है, तो राज्य की ओर से ऐसी आपत्तियों का उठना कई सवाल खड़े करता है। मृतका के माता-पिता की ओर से अदालत में कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश किए गए हैं, जिनमें डीएनए प्रोफाइल और कुछ महत्वपूर्ण ऑडियो रिकॉर्डिंग शामिल हैं। अदालत ने इन साक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए सीबीआई को निर्देश दिया है कि इनकी गहनता से जांच की जाए और अगली सुनवाई तक एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए। 
परिवार का शुरू से ही आरोप रहा है कि इस अपराध में संजय राय अकेला नहीं था और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की गई है। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान आरजी कर का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में है। हाल ही में मृतका की मां, जो अब भाजपा की उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में हैं, ने भी इस मामले में न्याय की धीमी गति और बड़े चेहरों को बचाने के आरोपों को लेकर तीखे बयान दिए हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 12 मई को तय की है। कानून के जानकारों का मानना है कि हाईकोर्ट के इस ताजा निर्देश के बाद सीबीआई अन्य संदिग्धों और अस्पताल के तत्कालीन अधिकारियों पर शिकंजा कस सकती है, जिससे इस जघन्य कांड के पीछे की कथित बड़ी साजिश का पर्दाफाश हो सके। 

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


सीबीआई को दोबारा पूछताछ और नए सबूतों की जांच के निर्देश
'संजय बहुत कुछ जानता है'





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News